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। मुख्यमंत्री ने निजी अस्पतालों और कुछ संस्थानों पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ निजी चक्र हैं, जो पैसे कमाने के लिए लोगों को डराने का काम कर रहे हैं। थोड़े से बुखार को भी खतरनाक बताकर भय फैलाया जा रहा है। लोगों को इनसे सतर्क रहने की जरूरत है।
कोलकाता। चीन में हाल ही में ह्यूमन मेटान्यूमो वायरस (एचएमपीवी) के एक स्वरूप का संक्रमण बढ़ा है, जिससे भारत समेत अन्य देशों में चिंता बढ़ी है। इस बीच, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस वायरस को लेकर राज्य के लोगों को आश्वस्त किया है। उन्होंने कहा कि घबराने की कोई जरूरत नहीं है और राज्य सरकार इस स्थिति पर नजर रखे हुए है। मंगलवार को गंगासागर से लौटने के बाद मुख्यमंत्री ने कोलकाता में मीडिया से बातचीत की। उन्होंने कहा कि एचएमपीवी वायरस को लेकर चिंता की कोई वजह नहीं है। अगर किसी भी प्रकार की गंभीर स्थिति उत्पन्न होती है, तो हम खुद आपको इसकी जानकारी देंगे। उन्होंने यह भी बताया कि प्रशासन ने इस वायरस और इसके संक्रमण को लेकर पहले ही जरूरी कदम उठा लिए हैं। मुख्यमंत्री ने निजी अस्पतालों और कुछ संस्थानों पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ निजी चक्र हैं, जो पैसे कमाने के लिए लोगों को डराने का काम कर रहे हैं। थोड़े से बुखार को भी खतरनाक बताकर भय फैलाया जा रहा है। लोगों को इनसे सतर्क रहने की जरूरत है।
चीन में एचएमपीवी वायरस के संक्रमण के मामलों के बाद भारत में भी इसके कुछ मामले सामने आए हैं। सबसे पहले बेंगलुरु के दो बच्चों (आठ महीने और तीन महीने के) में यह वायरस पाया गया। इसके बाद अहमदाबाद, मुंबई और कोलकाता में भी बच्चों में एचएमपीवी संक्रमण के मामले मिले हैं। मंगलवार को महाराष्ट्र में भी दो बच्चों के संक्रमित होने की पुष्टि हुई। केंद्र सरकार ने वायरस को लेकर राज्यों को अलर्ट रहने का निर्देश दिया है। सोमवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी राज्यों के साथ बैठक की और श्वसन संबंधी बीमारियों पर कड़ी नजर रखने का सुझाव दिया। साथ ही, आम लोगों को घबराने के बजाय सतर्क रहने की सलाह दी गई है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी लोगों से इन सावधानियों का पालन करने की अपील की है और राज्य में किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी का भरोसा दिया है।